सचिवों की समिति ने वेतन आयोग की सिफारिश से ज्यादा वेतन देने की बात कही!

केंद्र सरकार ने सातवे वेतन आयोग की सिफारिशों में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए सचिवों की समिति का गठन किया था। केंद्र सरकार ने पहले ही कहा था समिति की रिपोर्ट को वह पूरी तरह से लागु करेगी। 

कहा जा रहा है की अधिकार प्राप्त सचिवों की समिति ने वित्त मंत्रालय को वेतन आयोग की सिराफिशो को सोंप दिया है। अब वित्त मंत्रालय इस वेतन आयोग की सिफारिशों पर गोर करके केबिनेट नोट तैयार करेगा और इस तैयार की गई केबिनेट नोट को वित्त मंत्रालय केबिनेट में पेस करेगा । 

केंद्रीय कर्मचारीयों के यूनियनों ने भी वेतन आयोग की सिफारिशों को जल्द से जल्द लागु करने के लिये केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। यूनियनों भी जुलाई में हड़ताल पर जाने की नोटिस सरकार को दे दी है। सरकार भी वेतन आयोग की सिफारिशों को जल्द से जल्द लागु करने की तयारी में है। 

नई दिल्ली: 30 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के हिसाब से बढ़ा हुआ वेतन लागू होने का इंतजार है। वेतन आयोग की सिफारिशें वित्तमंत्रालय के पास हैं और बुधवार को अधिकार प्राप्त सचिवों की समिति ने वित्तमंत्रालय को इस आयोग की रिपोर्ट पर अपनी संस्तुति दे दी है।

ये हैं सिफारिशें
कहा जा रहा है कि इस समिति ने वेतन आयोग द्वारा दी गई सिफारिशों के आगे करीब 18-30 प्रतिशत वेतन वृद्धि की सिफारिश की है। जानकारी के अनुसार, जहां वेतन आयोग ने कर्मचारियों के लिए न्यूनतम 18000 रुपये और अधिकतम 225000 रुपये (कैबिनेट सचिव और इस स्तर के अधिकारी के लिए 250000 रुपये) की सिफारिश की थी वहीं, सचिवों की अधिकार प्राप्त इस समिति ने इसमें 18-30 प्रतिशत की वृद्धि की बात कही है। यानी 18000 रुपये के स्थान पर करीब 27000 रुपये और 225000 के स्थान पर 325000 रुपये करने की सिफारिश की है।

बता दें कि हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में गठित वेतन आयोग ने रिपोर्ट वित्तमंत्रालय को सौंप दी थी और इसके बाद प्रक्रिया के अनुरूप कैबिनेट सचिवों की अधिकार प्राप्त समिति ने वेतन आयोग की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद बुधवार को अपनी रिपोर्ट वित्तमंत्रालय को सौंपी है।

गुरुवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इसे पेश किया जाएगा 
प्रक्रिया के हिसाब से वित्तमंत्रालय अब इस पर कैबिनेट नोट तैयार करेगा। जानकारी के अनुसार, वित्तमंत्रालय एक हफ्ते में इस पर नोट तैयार कर लेगा और सूचना के अनुसार, हर गुरुवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इसे पेश किया जाएगा।

यूनियनों ने दबाव बनाना शुरू किया
वैसे केंद्रीय कर्मचारियों की यूनियनों ने सरकार पर दबाव बनाना आरंभ कर दिया है। यूनियन संगठनों का कहना है कि सरकार यदि सातवां वेतन आयोग जल्द लागू नहीं करेगी तो वे जुलाई में हड़ताल पर चले जाएंगे।

दिक्कतों को दूर करने के लिए समिति का गठन किया जाता है
बता दें कि वेतन आयोग की रिपोर्ट आने के बाद जनवरी 2016 को इस समिति का गठन किया गया था, ताकि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने को लेकर आ रही दिक्कतों को दूर किया जा सके। सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि इस समिति की रिपोर्ट को वह पूरी तरह से लागू करेगी।

क्या बोले थे वित्तमंत्री
मोदी सरकार के दो साल पूरे होने के मौके पर 1 जून को एनडीटीवी से बात करते हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि सचिवों की समिति की रिपोर्ट को लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि रिपोर्ट को जल्द लागू कर दिया जाएगा, क्योंकि इससे अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ पहुंचता है।

1 जनवरी 2016 से लागू होगीं सिफारिशें
छठा वेतन आयोग 1 जनवरी, 2006 से लागू हुआ था और उम्मीद है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी, 2016 से लागू होंगी और कर्मचारियों को एरियर दिया जाएगा। आमतौर पर राज्यों द्वारा भी कुछ संशोधनों के साथ इन्हें अपनाया जाता है। कहा जा रहा है कि नए वेतन ढांचे में सातवें वेतन आयोग ने छठे वेतन आयोग द्वारा शुरू की गई 'पे ग्रेड' व्यवस्था खत्म कर इसे वेतन के मैट्रिक्स (ढांचे) में शामिल कर दिया है और कर्मचारी का ओहदा अब ग्रेड पे की जगह नए ढांचे के वेतन से तय होगा। NDTV

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