सातवें वेतन आयोग ला रहा है आपके लिए अधिक छुट्टियां

लखनऊ। 7वें वेतन आयोग के लागू होने से जहां एक ओर केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन बढ़ेंगे वहीं उनको अधिक छुट्टियां मिल सकेंगी। आइए आपको बताते हैं इससे कर्मचारियों को कितना फरक पड़ेगा। 

वर्तमान में केन्द्रीय सरकार के कार्यालयों में 5 डे वर्क का कांसेप्ट है, जिससे हर साल 104 छुट्टियां केंद्र के कर्मचारियों को मिलती हैं। इसके अलावा, वहाँ तीन राष्ट्रीय अवकाश, चौदह राजपत्रित (गजेटेड) अवकाशों और दो प्रतिबंधित छुट्टियां रहती हैं। इसके अलावा, नागरिक सरकार कर्मचारियों को 8 दिन CL (कैजुअल लीव ), 20 दिनों के लिए हाफ PL (आधा वेतन) और 30 दिन की EL (अर्न्ड लीव) मिलती है। 

CL (कैजुअल लीव)- मौजूदा समय में 8 दिन Cl हर साल केंद्र सरकार के कर्मचारी को दी जाती है। इंडस्ट्रियल कामगारों को 10 दिन, सेना में कार्यरत कर्मचारियों के लिए 20 दिनों और सेना में PBORs के लिए 30 दिनों के लिए दी जाती है। स्टाफ के कुछ अन्य श्रेणियों, विशेष रूप से रेलवे में एक साल में 11 से 13 दिनों के लिए CL दी जाती है। हाल ही में हुई मांगों में CL को बढ़ा कर इंडस्ट्रियल कामगारों को 15 दिन और अन्य कर्मचारियों के लिए 12 दिन करने की अपील की गयी है। 

चाइल्ड एडॉप्शन लीव- यह खास तरह की छुट्टी महिला कर्मचारियों को बच्चे गोद लेने पर मिलती है। अगर किसी महिला के दो बच्चों से कम हैं और वह एक वर्ष से कम उम्र के बच्चे की वैध रूप से गोद लेती है तो उसे तुरंत 135 दिनों की छुट्टी दी जाती है।

कम्यूटिड लीव - मौजूदा समय में, इस लीव में हाफ पीएल की आधा वेतन दी जाती है वो भी मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर। मांग की गयी है कि मेडिकल सर्टिफिकेट की ज़रुरत हटा दी जाए। 

सी सी एल (चाइल्ड केयर लीव ) - 6ठें वेतन आयोग में इस लीव को शामिल किया गया था। इसके चलते महिलाएं अपने पूरे कार्यकाल में 2 साल (730 दिन) की छुट्टी नाबालिक बच्चे के पालन के लिए ले सकती हैं। इसे 3 टुकड़ों में लिया जा सकता है। इन छुट्टियों को ज़रुरत मंद ही लें इसके लिए मांग की गयी है कि पहले 365 दिन का 100 प्रतिशत वेतन मिले पर अंतिम 365 दिन में 80 प्रतिशत वेतन दिया जाए। साथ ही जो अकेले पिता हैं उनको भी यह छुट्टी दी जाने की मांग की गयी है। 

EL (अर्न्ड लीव)- मौजूद्दा समय में सिविलियन कर्मचारियों को 30 दिन और सेना के कर्मचारियों को 60 दिन की EL दी जाती है। मांग की गयी कि EL बचा के रखने की संख्या 300 से 450 और 20 साल की सेवा के बाद 50 प्रतिशत राशि दे दी जाए। 

हॉस्पिटल लीव- यह छुट्टी, रेलवे कर्मचारियों को दी जाती है। अगर सरकारी कर्तव्यों के दौरान उन्हें कोई बीमारी या चोट लग जाए। पहले 120 दिनों के लिए पूरा वेतन मिलता है और उसके बाद आधा वेतन। छुट्टी की कुल अवधि 28 महीने से अधिक नहीं है, इसलिए मांग की गयी है कि इसे अनिश्चितकालीन के लिए कर दिया जाए। 

पैटरनिटी लीव - बच्चे के होने पर पुरुषों को मिलने वाली 15 दिन की छुट्टी को बढ़ा कर 30 दिन करने की मांग की गयी है।

मैटरनिटी लीव - महिला कर्मचारी के गर्भपति होने पर 180 दिन और 45 दिन मिसकैरेज या एबॉर्शन के समय। मांग की गयी है कि 180 दिन से बढ़ा कर इसे पूरी वेतन के साथ 240 दिन कर दिया जाए और 120 दिन के लिए आधे वेतन पर। 

स्पेशल डिसेबिलिटी लीव (SL)- मौजूदा समय सरकारी सेवा के दौरान यदि किसी प्रकार की घटना होती है जिससे कर्मचारी अपाहिज की श्रेणी में आता है तो उसे 24 महीने की छुट्टी मिल सकती है। इसमें पहले 120 दिन पूरा वेतन और अन्य दिन आधा वेतन मिलता है। मांग की है की इन्हें पूरा वेतन दिया जाए और 24 महीने की सीमा खत्म की जाए।

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